बलिया (चितबड़ागांव)। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 6 पटेल नगर में स्थित ऐतिहासिक तेलिया पोखरा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। अतिक्रमण की चपेट में आए इस प्राचीन स्थल को मुक्त कराने के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन हर बार मामला कुछ समय बाद ठंडे बस्ते में चला जाता है।धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अमला सक्रिय तो होता है, लेकिन हालात जस के तस बने रहते हैं। नगर के मुख्य बाजार में स्थित इस ऐतिहासिक तेलिया पोखरा और शिवालय को अतिक्रमणकारियों के कब्जे से मुक्त कराने के लिए नगर पंचायत प्रशासन लंबे समय से प्रयासरत है। करीब छह महीने पूर्व राजस्व विभाग की टीम ने स्थल की पैमाइश कर अतिक्रमणकारियों को हटने के लिए नोटिस भी जारी किया था।सूत्रों के अनुसार, नोटिस के बाद अतिक्रमणकारियों ने उच्च न्यायालय का रुख किया, जहां से मामला नगर पंचायत स्तर पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद अतिक्रमणकारियों ने उपजिलाधिकारी सदर के न्यायालय में अपील दायर कर दी। प्रशासन का कहना है कि सभी पक्षों की सुनवाई पूरी हो चुकी है और इस मामले में 8 अप्रैल को फैसला आने की संभावना है।गौरतलब है कि तेलिया पोखरा और शिवालय के सुंदरीकरण के लिए शासन द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक न तो अतिक्रमण हट पाया है और न ही सुंदरीकरण कार्य शुरू हो सका है, जो स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।क्षेत्रवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वपूर्ण योजना में चयन होने और धन स्वीकृत होने के बाद भी कार्य का धरातल पर न उतरना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। लोगों में इसको लेकर नाराजगी भी है कि इतनी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर उपेक्षा का शिकार बनी हुई है।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें उपजिलाधिकारी के फैसले पर टिकी हुई हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि निर्णय आने के बाद अतिक्रमण हटेगा और तेलिया पोखरा व शिवालय का सुंदरीकरण कार्य शुरू होकर इस ऐतिहासिक स्थल को नई पहचान मिल सकेगी।

