बलिया (चितबड़ागांव)। स्थानीय थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस की सुस्ती अब सवालों के कटघरे में है। परिजनों ने 14 नवंबर को घटना की तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने 21 नवंबर को मुकदमा दर्ज किया। इसके बावजूद घटना के 17 दिन गुजर जाने के बाद भी न तो नाबालिग बरामद हो सकी और न ही आरोपी की गिरफ्तारी हो पाई है।परिजनों का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद से आरोपी का मोबाइल भी बंद है, लेकिन पुलिस की तलाश अब तक नाकाम साबित हुई है। पीड़ित परिवार किसी अनहोनी की आशंका से डरा हुआ है और लगातार पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगा रहा है।पुलिस ने मामले में सुसंगत धाराओ में प्राथमिकी दर्ज करते हुए जांच उपनिरीक्षक फूलचंद यादव को सौंपी है। लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी नतीजे सामने न आने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र में पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल उठ रहे हैं।थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस टीम गठित कर दी गई है और हर संभावित स्थान पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही लड़की की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं दिख रही है।
