बलिया।शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित थाना समाधान दिवस की तस्वीर इस बार निराशाजनक रही। शनिवार को चितबड़ागांव थाना परिसर में आयोजित समाधान दिवस में राजस्व विभाग का कोई भी कर्मचारी उपस्थित नहीं हुआ, जिसके चलते भूमि विवाद एवं अन्य राजस्व संबंधी मामलों का निस्तारण नहीं हो सका।फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे थे, लेकिन कर्मचारियों की गैरमौजूदगी के कारण मायूस होकर लौटना पड़ा। महरेई निवासी बबलू पुत्र अशोक ने बताया कि उनकी परती ज़मीन के रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। वे समाधान दिवस पर पहुंचे और घंटों तक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया। अंततः उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा।वहीं मानपुर निवासी सुनील कुमार ने कहा कि वह पिछले दो महीनों से लगातार समाधान दिवस में अपनी समस्या लेकर आ रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिलता है, समाधान नहीं।थानाध्यक्ष दिनेश पाठक ने बताया कि शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में कुल दो प्रकरण दर्ज हुए। राजस्व विभाग के कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण भूमि विवादों से जुड़े मामलों का निस्तारण संभव नहीं हो सका। हालांकि पुलिस से संबंधित मामलों को संबंधित बीट के हल्का प्रभारी को सौंप दिया गया है।इस संबंध में जब उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर तिमराज सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि संबंधित लेखपाल निर्वाचन कार्य और फार्म रजिस्ट्री के कार्य में व्यस्त होने के कारण संभवतः उपस्थित नहीं हो सके होंगे।राजस्व विभाग के इस रवैये से न केवल फरियादी परेशान हैं, बल्कि शासन की उस मंशा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं, जिसके तहत जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के लिए थाना समाधान दिवस का आयोजन किया जाता है।


