August 1, 2026

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सावन माह में चितबड़ागांव को विकास की बड़ी सौगात, मॉडल यात्री प्रतीक्षालय व ₹1 करोड़ के नाला निर्माण कार्य का लोकार्पण वंदन योजना की सुस्ती और अतिक्रमण की मार: तेलिया पोखरा का गंदा पानी पहुंचा मृत्युंजय महादेव मंदिर, श्रद्धालुओं में आक्रोश करोड़ों रुपये का अंडरपास, फिर भी लोगों की राह मुश्किल: गेट लगाने की तैयारी से बढ़ी चिंता, जलभराव बना बड़ी समस्या शॉर्ट सर्किट से जूता-चप्पल व सिंगार की दो दुकानों में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राख मध्यरात्रि चितबड़ागांव रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर पर बवाल: फुटकर पैसे के विवाद में यात्री से मारपीट, युवक गंभीर रूप से घायल नगर पंचायत सभागार में लगा विशाल निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर, सैकड़ों मरीजों को मिला उपचार और परामर्श
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वंदन योजना की सुस्ती और अतिक्रमण की मार: तेलिया पोखरा का गंदा पानी पहुंचा मृत्युंजय महादेव मंदिर, श्रद्धालुओं में आक्रोश

बलिया (चितबड़ागांव) । नगर पंचायत के वार्ड संख्या-6 स्थित ऐतिहासिक तेलिया पोखरा और प्राचीन मृत्युंजय महादेव मंदिर एक बार फिर बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के कारण चर्चा में हैं। बुधवार को पोखरे का गंदा पानी मंदिर परिसर में पहुंच गया, जिससे श्रद्धालुओं को गंदे पानी के बीच होकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए मजबूर होना पड़ा।यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शुमार है, जहां प्रतिदिन सुबह-शाम बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और श्रद्धालु आरती, भजन-कीर्तन एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में गंदा पानी भर जाने से लोगों में गहरी नाराजगी और आक्रोश व्याप्त है।वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में है पोखरास्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों पहले तेलिया पोखरा के चारों ओर पक्की सीढ़ियों का निर्माण कराया गया था, लेकिन समय के साथ पोखरा चारों तरफ से अतिक्रमण की गिरफ्त में आ गया। लगातार बढ़ते कब्जों के कारण न केवल पोखरे का मूल स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि इसकी धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान भी खतरे में पड़ती जा रही है।वंदन योजना में चयन के बाद भी नहीं शुरू हुआ कामगौरतलब है कि प्राचीन तेलिया पोखरा और मृत्युंजय महादेव मंदिर के सुंदरीकरण के लिए शासन की वंदन योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिल चुकी है। करीब एक वर्ष पहले टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक सुंदरीकरण कार्य शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि सरकारी मंजूरी और बजट आवंटन के बावजूद विकास कार्य आखिर किस वजह से अधर में लटका हुआ है।अतिक्रमण मुक्त अभियान के दावों पर उठ रहे सवालएक ओर सरकार प्रदेशभर में अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने और सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर तेलिया पोखरा के चारों ओर बढ़ता अतिक्रमण इन दावों की जमीनी हकीकत बयां कर रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह ऐतिहासिक धरोहर अपनी पहचान खो देगी।क्या बोले अधिशासी अधिकारीमंदिर परिसर में गंदा पानी पहुंचने के संबंध में नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्या ने बताया कि दमकल कर्मियों की मदद से मंदिर परिसर से पानी निकलवाने का कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।लोगों की मांगक्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मंदिर परिसर से जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने, पोखरा के आसपास हुए अतिक्रमण को हटाने और वंदन योजना के तहत स्वीकृत सुंदरीकरण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की है।

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Author: Ballia Headline

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