शॉर्ट सर्किट से जूता-चप्पल व सिंगार की दो दुकानों में भीषण आग, लाखों का सामान जलकर राखमध्यरात्रि 2:33 बजे मची अफरा-तफरी, फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबूचितबड़ागांव। कस्बे के पीसीओ तिराहा स्थित तेलिया पोखरा के समीप सोमवार और मंगलवार की मध्यरात्रि शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने दो परिवारों की वर्षों की मेहनत को पलभर में राख में बदल दिया। आग की चपेट में आकर जूता-चप्पल एवं सिंगार सामग्री की दो दुकानें पूरी तरह जल गईं, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि समय रहते फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया, जिससे आसपास की अन्य दुकानें और रिहायशी मकान सुरक्षित बच गए और एक बड़ा हादसा टल गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार तड़के करीब 2:33 बजे स्थानीय लोगों ने दुकानों से धुआं और आग की तेज लपटें उठती देखीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात की गंभीरता को देखते हुए बिना देर किए फायर ब्रिगेड को सूचित किया।सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। लेकिन तब तक दोनों दुकानों में रखा जूता-चप्पल, सिंगार सामग्री, फर्नीचर, काउंटर, विद्युत उपकरण समेत अन्य जरूरी सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था।बताया जाता है कि वार्ड नंबर 12 निवासी सुल्तान हाशमी और उनके भाई कई वर्षों से पीसीओ तिराहा पर उक्त दुकानें संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। सोमवार शाम रोजाना की तरह दुकान बंद कर दोनों घर चले गए थे, लेकिन देर रात हुए शॉर्ट सर्किट ने उनकी आजीविका पर गहरा संकट खड़ा कर दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंचती तो आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी मकानों तक फैल सकती थी, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ जाता।घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, अग्निकांड की निष्पक्ष जांच कराने तथा बाजार क्षेत्र में विद्युत लाइनों और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि समय-समय पर विद्युत व्यवस्था का निरीक्षण और सुरक्षा मानकों का पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।इस अग्निकांड ने एक बार फिर बाजार क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। पीड़ित परिवार के सामने अब अपनी आजीविका को दोबारा खड़ा करने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।



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